वो खास पल जब विवेकमणी त्रिपाठी से पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा एक सेल्फी हो जाए दोस्त..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रयागराज में 26,791 दिव्यांगजन और बुजुर्गों को सहायता उपकरण वितरित किए। उन्होंने कुछ दिव्यांगों और बुजुर्गों को मंच पर बुलाकर भी उपकरण दिए।

Written by: February 29, 2020 4:36 pm

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रयागराज में 26,791 दिव्यांगजन और बुजुर्गों को सहायता उपकरण वितरित किए। उन्होंने कुछ दिव्यांगों और बुजुर्गों को मंच पर बुलाकर भी उपकरण दिए। मंच पर पीएम और पीएम के सामने वह। रोमांच और अद्भुत क्षण को यूं तो विवेकमणी देख तो नहीं सके लेकिन महसूस जरूर कर लिया।

Prime Minister Narendra Modi at Samajik Adhikarita Shivir

दृष्टिबाधित युवक विवेकमणि त्रिपाठी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर विशेष स्मार्टफोन और स्टिक दी। प्रधानमंत्री से स्मार्टफोन मिलने की खुशी विवेक के चेहरे पर साफ देखी जा सकती थी।


प्रधानमंत्री को अपने पास पाकर विवेक इतना खुश हुए कि उन्होंने अपने नए फोन को ही स्विच ऑन किया और पहली सेल्फी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ली। सेल्फी लेने के बाद 18 वर्षीय विवेक ने मीडिया से बातचीत में बताया, ‘मैं प्रतापगढ़ के कुंडा का रहने वाला हूं और यहां इलाहाबाद से पढ़ाई कर रहा हूं।’

Prime Minister Narendra Modi at Samajik Adhikarita Shivir

जब पीएम ने विवेक को फोन दिया तो उनसे कहा कि इस स्मार्ट मोबाइल फोन एक सेल्फी तो बनती है दोस्त। इस पर विवेक ने तुरंत मोबाइल फोन निकाला और पीएम के साथ सेल्फी लेकर इस पल को हमेशा के लिए संजो लिया।

Prime Minister Narendra Modi at Samajik Adhikarita Shivir

शहर के लिए सिविल लाइंस विवेक मणि त्रिपाठी के पिता इंद्रमणि त्रिपाठी शिक्षक हैं। विवेक बचपन से दृष्टिबाधित हैं। हालांकि उनमें प्रतिभा कूट-कूटकर भरी है। जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। 19 साल के विवेक डीएड की पढ़ाई कर रहे हैं। दृष्टिबाधित होने के बाद भी वह मोबाइल धड़ल्ले से चलाते हैं। उन्होंने अपने मोबाइल में टॉकबैक एप डाउनलोड किया है, जिससे अपना काम कर लेते हैं। वह दृष्टिबाधित साथियों को इसका ज्ञान देते हैं। वह मोबाइल पर अपनी पढ़ाई भी कर लेते हैं।

PM Narendra Modi

शनिवार को प्रधानमंत्री के हाथों स्मार्ट मोबाइल फोन मिलने के बाद विवेक की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह फूले नहीं समा रहे हैं। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ही विवेक से मिले हुए मोबाइल फोन से साथ में एक सेल्फी लेने की बात कही तो खुशी दोगुनी हो गई। प्रधानमंत्री से यह सम्मान पाने से विवेक खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। वह कहते हैं कि यह पल भले ही देख नहीं सके हैं, लेकिन इसे महसूस जरूर किया है। यह हमारे ही नहीं सभी दृष्टिबाधित साथियों के लिए गौरव का पल है। वह इस सेल्फी को जीवन भर संजो के रखेंगे। यह उनके जीवन की एक उपलब्धि है।