कोविड-19 वैक्सीन के बारे में आई खुशखबरी, एक दवा 99% असरदार, तो दूसरी का चल रहा ट्रायल फेज 2

कोरोना वायरस वैक्‍सीन से जुड़ी एक अच्‍छी खबर आई है। अमेरिका में एक कंपनी का ट्रायल फेज टू में पहुंच गया है। चीन में एक वैक्‍सीन फेज टू पूरा कर चुकी है और अगले साल की शुरुआत तक मार्केट में उतारी जा सकती है।

Avatar Written by: June 2, 2020 4:30 pm

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस से जुड़ी तमाम तरह की रिसर्च चल रही हैं। इस वक्त वैक्सीन बनाने के लिए बड़े बड़े वैज्ञानिक और फार्मा कम्पनियां, इंस्टिट्यूट खोजबीन में जुटे हुए हैं। इस बीच कोरोना वायरस वैक्‍सीन से जुड़ी एक अच्‍छी खबर आई है। अमेरिका में एक कंपनी का ट्रायल फेज टू में पहुंच गया है। चीन में एक वैक्‍सीन फेज टू पूरा कर चुकी है और अगले साल की शुरुआत तक मार्केट में उतारी जा सकती है।

चीन में अबतक इंसानों पर पांच वैक्‍सीन का टेस्‍ट किया गया है, जो सबसे ज्‍यादा है। वहां की एक और कंपनी Sinovac Biotech का दावा है कि उसकी वैक्‍सीन 99 पर्सेंट असरदार है। रूस अपनी वैक्‍सीन का क्लिनिकल ट्रायल दो हफ्ते के भीतर शुरू कर देगा। वहां अगले हफ्ते से कोविड-19 के मरीजों के इलाज में Avifavir नाम के ड्रग का इस्‍तेमाल होगा।

वैक्‍सीन बनाने की से रेस में ये हैं आगे

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वैक्‍सीन बनाने की रेस चल रही है। करीब 120 वैक्‍सीन पर काम चल रहा है। कम से कम 10 वैक्‍सीन ऐसी हैं जो ह्यूमन ट्रायल के दौर में हैं। दुनिया में कोरोना वायरस केसेज की संख्‍या 64 लाख का आंकड़ा छूने वाली है। यह वायरस अबतक 3.77 लाख से भी ज्‍यादा लोगों को मार चुका है। इसीलिए जल्‍द वैक्‍सीन मिलना बेहद जरूरी है। अबतक जो वैक्‍सीन प्रॉमिसिंग साबित हुई हैं, उनमें चीन की CanSino adenovirus vaccine, Oxford University की adenovirus vaccine, Moderna की mRNA vaccine और Novavax शामिल हैं। इनके अलावा भी कई वैक्‍सीन के शुरुआती रिजल्‍ट्स बेहद प्रभावशाली रहे हैं।

कोरोना वैक्सीन: 15-20 साल वाला काम 1 साल में होगा!

भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के विजय राघवन ने कहा है कि कोविड-19 के लिए देश में वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया जोरों पर है और अक्टूबर तक कुछ कंपनियों को इसकी प्री क्लीनिकल स्टडीज तक पहुंचने में सफलता मिल सकती है।

अमेरिकी कंपनी की वैक्‍सीन जगा रही उम्‍मीद

Moderna की वैक्‍सीन ने आशा की किरण जगाई है। फेज-2 में डिफरेंज ऐजग्रुप के 500 स्‍वस्‍थ लोगों को पहली डोज दे दी गई है। कंपनी ने SARS-CoV-2 वायरस के जेनेटिक मैटीरियल पार्ट का इस्‍तेमाल करके यह mRNA वैक्‍सीन तैयार की है। वैक्‍सीन इंसान के शरीर में वायरस के प्रति इम्‍यून रेस्‍पांस को ट्रिगर करेगी। फेज 1 के ट्रायल में प्रोटेक्टिव एंडीबॉडीज बनने की पुष्टि हुई

bcg vaccine

वैक्‍सीन डेवलपमेंट में चीन सबसे आगे

चीन में पांच वैक्‍सीन का ट्रायल इंसानों पर हो रहा है। वह इस मामले में दुनिया के बाकी देशों से आगे है। बीजिंग इंस्टीट्यूट आफ बायोलॉजिकल प्रोडक्‍ट्स एंड चीन नैशनल बायोटेक ग्रुप कंपनी की जाइंट वैक्‍सीन ने फेज 2 टेस्टिंग पूरी कर ली है। यह वैक्‍सीन नोवेल कोरोना वायरस के एक मृत वर्जन का इस्‍तेमाल करती है। रॉयटर्स के मुताबिक, वैक्‍सीन साल के आखिर तक या अगले साल की शुरुआत में मार्केट में आ सकती है। प्रोडक्‍शन लाइन के पास हर साल 10-12 करोड़ वैक्‍सीन बनाने की क्षमता है।