तो क्या सच में ईरान के मिसाइल हमले में घायल हुए थे अमेरिका के 11 सैनिक !

ईरान द्वारा इराक स्थित अमेरिकी बेस पर पिछले हफ्ते किए गए हमले में 11 अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे। समाचार एजेंसी एएफपी न्यूज ने मध्य कमान के हवाले से यह जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक पिछले हफ्ते ईरान के हमले में 11 अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे।

Written by: January 17, 2020 12:06 pm

नई दिल्ली। ईरान द्वारा इराक स्थित अमेरिकी बेस पर पिछले हफ्ते किए गए हमले में 11 अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे। समाचार एजेंसी एएफपी न्यूज ने मध्य कमान के हवाले से यह जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक पिछले हफ्ते ईरान के हमले में 11 अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे। हालांकि, अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान द्वारा किए गए इस हमले में कोई भी अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ है।

Iran is bombing American bases in Iraq

आपको बता दें, ईरानी रिवॉल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स के कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी की बगदाद में हत्या के बाद ईरान ने 7 जनवरी की रात इराक के अल असद और इरबिल स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 22 मिसाइलें दागी थीं।


हमले के बाद ईरान की ओर से दावा किया गया था कि 21 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। वहीं, डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा था कि हमले की सूचना उन्‍हें पहले ही मिल गई थी। इसलिए अमेरिकी सैनिक सुरक्षित स्‍थानों पर चले गए थे। इस दौरान उन्‍होंने साफ-साफ कहा था कि बेस को थोड़ा नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ। हालांकि, अब दावा किया जा रहा है कि ईरान के इस हमले में 11 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।

ईरान का दावा
ईरान ने दावा किया था कि मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर करीब दो दर्जन मिसाइल से हमले किए गए। ये भी दावा किया गया कि इस हमले में करीब 80 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इन दावों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि कोई भी अमेरिकी सैनिक इस हमले में हताहत नहीं हुआ।

सात दशक पुरानी है अमेरिका और ईरान के बीच की दुश्‍मनी

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव दशकों पुराना है। इसके पीछे न तो बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर हुआ प्रदर्शन और कासिम सुलेमानी की मौत, बल्कि यह केवल एक बहाना मात्र है। ईरान और अमेरिका की दुश्‍मनी या यूं कहें कि तनातनी ईरान में इस्‍लामिक क्रांति से भी पहले की है। हालिया, अमेरिकी-ईरान विवाद अब चरम पर पहुंच गया है।

Iran Sulemani

दरअसल, इसको वहां के शासक शाह पहलवी के तख्‍ता पलट ने और हवा दी। अयातुल्‍लाह खामेनेई द्वारा बनी सरकार ने इस दुश्‍मनी को चरम तक पहुंचा दिया। आपको बता दें कि शाह के तख्‍ता पलट के बाद से ही अमेरिका ने ईरान से सभी संबंध तोड़ लिए थे। तब से लेकर अब तक दोनों देशों की बदौलत कई बार दुनिया पर संकट के बादल छाए हैं।