Income Tax: टैक्स पेयर्स के लिए जी का जंजाल बन गई है IT डिपार्टमेंट की नई वेबसाइट, हो रही हैं दर्जनों दिक्कतें

Income Tax: इनकम टैक्स संबंधी पेशेवर सेवाएं देने वालों के संगठन डायरेक्ट टैक्स प्रोफेशनल्स एसोसियेशन (DPTA) ने भी दिक्कत को लेकर एक चिट्ठी वित्त मंत्री और पीएम मोदी को भेज चुका है। इसमें कहा गया है कि फिलहाल पुरानी साइट को बहाल किया जाए और पूरी तरह टेस्टिंग के बाद ही नई साइट अगले साल लॉन्च की जाए।

Written by: July 26, 2021 11:47 am
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नई दिल्ली। इस साल 30 सितंबर तक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना है, लेकिन टैक्स पेयर्स के माथे पर पसीना आ रहा है। वजह बनी है इनकम टैक्स विभाग की नई वेबसाइट। 7 जून को नई वेबसाइट लॉन्च की गई थी, लेकिन एक महीने से ज्यादा वक्त बीतने के बावजूद अभी इसमें दर्जनों ऐसी दिक्कतें हैं, जिनकी वजह से टैक्स पेयर्स का काम नहीं हो पा रहा है। इनकम टैक्स की नई वेबसाइट को आईटी कंपनी इन्फोसिस ने डिजाइन किया है। दावा किया जा रहा था कि पुरानी वेबसाइट incometaxefiling.gov की जगह नई वेबसाइट से टैक्स पेयर्स को काफी सहूलियत होगी, लेकिन सहूलियत की जगह दिक्कतों का अंबार लग गया है। साइट लॉन्च होने के बाद ही यूजर्स ने इसकी दिक्कतों की जानकारी ट्वीट कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दी थी। इस पर सीतारमण ने इन्फोसिस और इसके कर्ताधर्ताओं में से एक नंदन निलेकणी को ट्वीट में टैग कर जल्दी सारी दिक्कतें दूर करने के लिए कहा था। सीतारमण ने ये ट्वीट 9 जून को किया था। तब निलेकणी ने कहा था कि 15 दिन में सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी, लेकिन वे 15 दिन कब के बीत चुके हैं और दिक्कतें बनी हुई हैं।

Nirmala Sitharaman
इनकम टैक्स संबंधी पेशेवर सेवाएं देने वालों के संगठन डायरेक्ट टैक्स प्रोफेशनल्स एसोसियेशन (DPTA) ने भी दिक्कत को लेकर एक चिट्ठी वित्त मंत्री और पीएम मोदी को भेज चुका है। इसमें कहा गया है कि फिलहाल पुरानी साइट को बहाल किया जाए और पूरी तरह टेस्टिंग के बाद ही नई साइट अगले साल लॉन्च की जाए।

नई वेबसाइट पर धारा 12-एबी और 80-जी के तहत सोसाइटी और न्यास वगैरा के नए रजिस्ट्रेशन के लिए फार्म 10-ए भी मौजूद नहीं है। इसके अलावा विवाद से विश्वास योजना के तहत टैक्स चुकाने का कोई विकल्प नहीं है। इसकी वजह से टीडीएस और टीसीएस स्टेटमेंट भी टैक्स पेयर दाखिल नहीं कर पा रहे
इसके अलावा धारा 143(1) के तहत आईटी संज्ञान और घोषणा भी डाउनलोड नहीं की जा सकतीं, डीआईएन संख्या भी अपने आप भरी जा रही, आयकर भुगतान चालान संख्याएं सत्यापित नहीं हो रहीं। साथ ही डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र रजिस्टर्ड नहीं हो रहा या अपडेट नहीं हो रहा। यहां तक कि नई कंपनियों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा। कई ई-प्रोसिडिंग्स टैब भी काम नहीं कर रहे हैं।

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बड़ी समस्या प्रोफाइल भरने को लेकर भी है। पहले की साइट में सारे टैक्स पेयर्स के प्रोफाइल पूरी तरह भरे हुए थे। नई साइट में ये अधूरे दिख रहे हैं। रिफंड के लिए बैंक खातों की जानकारी पहले टैक्स पेयर्स ने दे रखी थी। नई साइट में भी बैंकों की जानकारी या तो पूरी नहीं है या बिल्कुल नहीं है।

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