Wednesday, November 21, 2018

महाभारत: आखिर क्यों युधिष्ठिर कहलाए धर्मराज ?

नई दिल्ली। प्रश्न और जिज्ञासा वैदिक परंपरा है। भारतीय इतिहास के वैदिक काल में सामाजिक अन्तर्विरोध कम थे। तब प्रश्नाकुलता का संबंध सृष्टि रहस्यों...
Mahatma Gandhi

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती : गांधी ने अंतिम जन्मदिन पर कहा था, ‘अब...

नई दिल्ली। "मैंने अब ज्यादा जीने की इच्छा छोड़ दी है। मैंने कभी कहा था कि सवा सौ साल तक जिंदा रहूं, लेकिन अब...
shradh 2018

श्राद्ध के बाद आई पुनर्जन्म की कल्पना…मत्स्य पुराण में है इस तरह पितरों का...

श्रद्धा भाव है और श्राद्ध कर्म। श्रद्धा मन का प्रसाद है और प्रसाद आंतरिक पुलक। पतंजलि ने श्रद्धा को चित्त की स्थिरिता या अक्षोभ...
Bhagwad Geeta

गीता में कर्मफल का त्याग ही प्रमुख विचार है

हम सब कर्मशील प्राणी हैं। कर्म की प्रेरणा है कर्मफल प्राप्ति की इच्छा। कर्मफल प्राप्ति की अभिलाषा के कारण ही सभी प्राणी सक्रिय हैं।...
Student with internet

सूचना तकनीक और हमारा रिश्ता ‘लिव इन रिलेशन’ जैसा

तकनीक तेज रफ्तार आगे-आगे और हम हांफते हुए पीछे-पीछे। दीवनगी की हद है-दीवाना मुझसा नहीं है इस अम्बर के नीचे/आगे है कातिल मेरा और...

भाव का केन्द्र हृदय है और ज्ञान का केन्द्र बुद्धि

भाव का केन्द्र हृदय है और ज्ञान का केन्द्र बुद्धि। बुद्धि का आधार स्मृति है। हम प्रत्यक्ष जगत का विवेचन करते समय स्मृति को...

ऋग्वेद के समय के पूर्वज विराट अस्तित्व के प्रति अतिसंवेदनशील थे

दर्शन और विज्ञान का जन्म जिज्ञासा से हुआ। ऐसी जिज्ञासा ऋग्वेद में है। ऋग्वेद का रचनाकाल प्राचीन यूनानी दर्शन से भी बहुत प्राचीन है।...

अनंत की प्रीति वैदिक ऋषियों-पूर्वजों की जीवनशैली है

पदार्थ ज्ञान प्रत्यक्ष है तो भी पदार्थ जगत् का बहुत कुछ जानकारी से बाहर है। लेकिन अनुभूति व्यक्तिगत है। अनुभूत ज्ञान अनंत है। अनंत...

भारतीय समाज हजारों वर्ष पहले से तर्कशील रहा है

भारतीय समाज हजारों वर्ष पहले से तर्कशील रहा है। दुनिया के अन्य आस्तिक समुदायों में ईश्वर अतक्र्य आस्था है लेकिन भारत में ईश्वर पर...

सोशल मीडिया में सत्य, शिव और सुंदर

अभिव्यक्ति हरेक व्यक्ति की स्वाभाविक अभिलाषा है। हम स्वयं को भिन्न भिन्न आयामों में प्रकट करते हैं। अपने बाल काढ़ने का ढंग, मूंछो को...

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