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Change For Change: असंतुष्ट नेताओं के दबाव में आया गांधी परिवार, कांग्रेस में होगा ये बड़ा बदलाव

अगले साल 8 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले इस साल नवंबर में गुजरात विधानसभा के चुनाव हैं। जिन राज्यों में अगले साल चुनाव हैं, उनमें से दो राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है।

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नई दिल्ली। चुनावों में लगातार पिट रही कांग्रेस का आलाकमान यानी गांधी परिवार पार्टी के असंतुष्ट नेताओं की बात मानने की ओर बढ़ता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस में ऊपर से नीचे तक बड़े बदलाव का खाका तैयार हुआ है। इस बदलाव में कई पुराने और बरसों से काबिज लोग किनारे किए जा सकते हैं। पहला बदलाव कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी अपनी टीम में करने वाली हैं। इसके अलावा ज्यादातर राज्यों में पार्टी की कमान और वहां के मौजूदा प्रभारियों को भी बदले जाने की पूरी उम्मीद है। हाल ही में सोनिया ने कई सूबों में नए सचिवों की नियुक्ति की है। कांग्रेस में कई पद खाली हैं। वहीं, कई नेताओं के पास ज्यादा जिम्मेदारी है।

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अगले साल 8 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले इस साल नवंबर में गुजरात विधानसभा के चुनाव हैं। जिन राज्यों में अगले साल चुनाव हैं, उनमें से दो राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है। जिस तरह हाल के विधानसभा चुनाव में पंजाब से पार्टी ने सत्ता गंवाई, उससे हड़कंप मच गया। राहुल गांधी का दलित कार्ड भी पंजाब में नहीं चला, उसे देखते हुए सोनिया गांधी और उनके करीबी मंथन में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक अप्रैल से कांग्रेस में बदलाव की शुरुआत होगी और ये सिलसिला अक्टूबर तक जारी रहने की उम्मीद है।

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बता दें कि कांग्रेस के असंतुष्ट 23 नेताओं के गुट ने लगातार मांग की है कि पार्टी के स्वरूप में बदलाव किया जाए। इन नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व में भी बदलाव की मांग की थी। नेताओं के दबाव में गांधी परिवार ने तय किया था कि इस साल अक्टूबर तक नए और स्थायी कांग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव कराया जाएगा। हालांकि, ये तय है कि कांग्रेस में गांधी परिवार के करीबी और खास नेता एक बार फिर उन्हीं पर भरोसा जताएंगे, लेकिन अगला अध्यक्ष किसे बनाया जाए, इस पर भी मंथन हो रहा है। क्योंकि जहां पंजाब में राहुल गांधी फेल रहे हैं। वहीं, यूपी में प्रियंका गांधी के चलाए तीर भी किसी काम नहीं आ सके हैं। पंजाब में जहां सत्ता से कांग्रेस को बाहर होना पड़ा है। उधर, यूपी में पिछली बार के मुकाबले कांग्रेस के 5 विधायक घट गए हैं।

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