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Conspiracy To Kill Modi: PM मोदी की हत्या करना चाहता था PFI, यूपी में दंगे भड़काने के लिए जुटाए 120 करोड़, ईडी ने किया साजिश का खुलासा

ईडी ने केरल से गिरफ्तार पीएफआई के सदस्य शफिक पेयथ के रिमांड नोट में दावा किया है कि पीएम मोदी पर हमले की साजिश के तहत संगठन ने ट्रेनिंग कैंप लगाए थे। बता दें कि इससे पहले साल 2013 में पटना के गांधी मैदान में मोदी की रैली के दौरान आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने धमाके किए थे। अब यूपी में भी दंगे की साजिश थी।

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नई दिल्ली। कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया PFI के ठिकानों और इसके नेताओं समेत 100 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ED ने बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया है। ईडी ने दावा किया है कि पीएफआई ने दो महीने पहले यानी इस साल अगस्त में पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रची थी। संगठन का इरादा 12 जुलाई को पटना में मोदी की रैली को निशाना बनाना था। इसके लिए पीएफआई का टेरर मॉड्यूल Terror Module Of PFI खतरनाक हथियार और विस्फोटक जुटाने में लगा था। इसके अलावा यूपी में भी संवेदनशील जगहों पर बम धमाका करने और राज्य की बड़ी हस्तियों पर हमले की पीएफआई ने योजना बनाई थी।

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हिंदी अखबार ‘नवभारत टाइम्स’ के मुताबिक जुलाई में पटना से पीएफआई के सदस्यों की गिरफ्तारी और उनसे मिले दस्तावेजों के बाद ये जानकारी मिली थी कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए जगह-जगह ट्रेनिंग कैंप चला रहा है। अब गुरुवार को देश के 15 राज्यों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA के साथ मिलकर पीएफआई के ठिकानों पर रेड के बाद ईडी ने गंभीर खुलासे किए हैं। ईडी ने केरल से गिरफ्तार पीएफआई के सदस्य शफिक पेयथ के रिमांड नोट में दावा किया है कि पीएम मोदी पर हमले की साजिश के तहत संगठन ने ट्रेनिंग कैंप लगाए थे। बता दें कि इससे पहले साल 2013 में पटना के गांधी मैदान में मोदी की चुनावी रैली के दौरान आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन IM के आतंकियों ने धमाके किए थे।

ईडी ने ये जानकारी भी हासिल की है कि पीएफआई ने पिछले कुछ साल में आतंकी गतिविधियां करने के लिए 120 करोड़ रुपए का फंड भी जुटाया। इसका ज्यादातर हिस्सा कैश में संगठन को मिला। इस फंड को 2020 के दिल्ली दंगे और यूपी के हाथरस में सांप्रदायिक सौहार्द को चोट पहुंचाने की नीयत से खर्च करने की बात भी जांच में सामने आई है। देश में जगह-जगह दंगे भड़काने, आतंकी साजिश और खतरनाक हथियार-विस्फोटक जुटाने के लिए भी फंड के इस्तेमाल का आरोप पीएफआई पर ईडी ने लगाया है।

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