दिल्ली हिंसा मामले में भाजपा नेताओं को क्लीन चिट, जांच के दायरे में आए ये नाम

वहीं इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान, दिल्‍ली पुलिस ने भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा और अभय वर्मा को भड़काऊ भाषण देने के मामले में क्लीन चिट दे दी थी।

Avatar Written by: July 17, 2020 4:39 pm

नई दिल्ली। दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर‍ दिया है। अपने जवाब में दिल्‍ली पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया है कि वारिश पठान, सलमान खुर्शीद, असदुद्दीन ओवैसी सहित अन्‍य नेताओं द्वारा संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ दिए गए बयानों की जांच की जा रही है।

delhi highcourt

वहीं इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान, दिल्‍ली पुलिस ने भाजपा नेता अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा और अभय वर्मा को भड़काऊ भाषण देने के मामले में क्लीन चिट दे दी थी। दिल्‍ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि इन भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। उल्‍लेखनीय है कि दिल्ली हिंसा मामले में याचिकाकर्ता अजय गौतम की याचिका पर दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में जवाब दायर किया है।

delhi_violancedelhi_violance

हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दिसंबर 2019 में सीएए के विरोध में विरोध प्रदर्शनों को लेकर 10 एफआईआर दर्ज की थी। उन्‍होंने कोर्ट ने बताया कि दिल्‍ली पुलिस प्रदर्शनकारियों से लगातार अनुरोध कर रही थी कि उनके प्रदर्शन की वजह से रास्ते बंद है, जिससे अनेक लोगों को दिक्कत हो रहीं हैं। लोग परेशान हो रहे है। लॉ एंड आर्डर खराब हो रहा है। लेकिन, प्रदर्शनकारियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। प्रदर्शन में महिलाओं और बच्चों को शील्ड की तरह आगे रख कर इस्तेमाल किया गया। जिससे पुलिस कार्रवाई करने में असमर्थ हो गई।

पुलिस ने हाईकोर्ट को बताया कि 22 फरवरी 2020 को तकरीबन 10 हज़ार प्रदर्शकारियों ने जफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे 66 फुट रोड पर आ कर प्रदर्शन करने लगे। ये सभी लोग एक ही समुदाय के लोग थे और यहां भी महिलाओं और बच्चों को शील्‍ड तरह इस्तेमाल किया गया था। जब ये रास्ता ब्लॉक हो गया, तब लोगों को काफी दिक्कत होने लगी। 23 फरवरी 2020 को मौजपुर इलाके से कुछ लोग आए और प्रदर्शन करने वाले लोगों को यहां से उठाने की मांग करने लगे, तब हिंसा हुई। जो प्रदर्शनकारी जफराबाद मेट्रो स्टेशन पर 22 फरवरी 2020 की रात को आकर रोड ब्लॉक किये थे, इस बारे में पुलिस से प्रदर्शनकारियों ने इजाजत नहीं ली थी।

delhi violence updates

दिल्‍ली पुलिस ने कोर्ट को जानकारी दी कि फिलहाल अभी तक नार्थ ईस्ट हिंसा मामले में पुलिस 750 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं. जिसमे से 174 मामलों में कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दायर की जा चुकी है और मामले में जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि कोरोना महामारी और गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के बाद दिल्ली में सभी प्रदर्शन स्थल को खाली करा लिया गया है।