Hathras Case: पीड़िता के आखिरी बयान को आधार बनाकर CBI ने दाखिल किया आरोप पत्र

Hathras Case: इस मामले में आरोपियों के वकील मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि छात्रा के आखिरी 22 सितंबर वाले बयान को आधार मानते हुए सीबीआई(CBI) ने चारों को आरोपी बनाया है।

Avatar Written by: December 18, 2020 3:48 pm
CBI Hathras

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए कथित गैंगरेप और हत्याकांड में शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एससी/एसटी कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अपने आरोप पत्र में सीबीआई ने पीड़िता द्वारा 22 सितंबर को दिए गए आखिरी बयान को आधार बनाया है और इसी के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया है। अब सीबीआई की टीम ने निर्णय कोर्ट पर छोड़ दिया है। वहीं इस मामले में आरोपियों की तरफ से इस केस को लड़ रहे वकील मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि छात्रा के आखिरी 22 सितंबर वाले बयान को आधार मानते हुए सीबीआई ने चारों को आरोपी बनाया है। सीबीआई ने आरोप पत्र में चारों पर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया है। अपने आरोप पत्र में सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ 325 एससी एसटी एक्ट और आईपीसी की धारा 354 व 376ए, 376 डी व 302 के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं सीबीआई की टीम मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए पीड़ित के भाई को गुजरात ले जाएगी।

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आपको बता दें कि इसी साल 14 सितंबर को यूपी के हाथरस के चंदपा कोतवाली इलाके के एक गांव में चार लोगों ने 19 साल की युवती के साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता के जब दरिंदगी हुई तब वह कुछ भी बोलने की हालत में नहीं थी। युवती को गंभीर हालत में हाथरस के जिला अस्पताल लाया गया, जहां से अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया था।

इसके बाद 22 सितंबर तक सामान्य तरीके से पीड़िता का इलाज होता रहा, लेकिन जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो 28 सितंबर को उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया था। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पीड़िता के भाई की तहरीर पर चार युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

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बता दें कि इस घटना को लेकर पूरे देशभर में चर्चा रही। तमाम राजनीतिक दल पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए योगी सरकार पर दबाव डालते नजर आए। ऐसे में योगी सरकार ने खुद ही इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की। जिसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच करते हुए कई बार पीड़िता के परिजनों के पूछताछ की। वहीं जेल में बंद आरोपियों से भी पूछताछ की उनके परिजनों से भी सवाल पूछे। बता दें कि सीबीआई की टीम ने आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट और ब्रेन मैपिंग भी कराई थी।

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