
भोपाल। मध्यप्रदेश में भी इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। यहां फिलहाल बीजेपी की सरकार है। ऐसे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ अपनी पार्टी को जीत दिलाने के लिए एड़ी और चोटी का जोर लगा रहे हैं। कमलनाथ को मंगलवार को उस वक्त काफी खुशी मिली, जब बजरंग सेना नाम के संगठन के राष्ट्रीय संयोजक रघुनंदन शर्मा अपने समर्थकों के साथ प्रदेश कांग्रेस दफ्तर पहुंचे। वहां उन्होंने कमलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वॉइन कर ली। इसके बाद उत्साहित कमलनाथ ने जय श्रीराम का नारा लगाया और कहा कि बजरंग सेना ने कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि ये संगठन सच्चाई का समर्थन कर रहा है।
कमलनाथ ने ये भी कहा कि मध्यप्रदेश बीजेपी की सरकार के दौरान घोटालों का राज्य बन गया है। कमलनाथ ने महाकाल लोक, नर्मदा घोटाला जैसे आरोप लगाए और साथ ही कहा कि हमें अपनी संस्कृति की रक्षा करनी है। इससे पहले भी कमलनाथ कई बार बजरंग बली का नाम ले चुके हैं। हनुमान जयंती भी उन्होंने मनाई थी। बहरहाल, कमलनाथ को बजरंग सेना के समर्थन से काफी उत्साह तो मिला, लेकिन इस संगठन को साल 2013 में बनाने वाले रणवीर पटेरिया ने अलग ही बयान दे दिया। रणवीर पटेरिया ने कहा कि बजरंग सेना का कांग्रेस में विलय नहीं हुआ है। पटेरिया ने कहा कि हमारे कुछ नेता बजरंग सेना से इस्तीफा देकर कांग्रेस के साथ गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमने मुद्दों पर आधारित समर्थन दे रखा है।

कुल मिलाकर मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव भी अब कर्नाटक की तरह ही बजरंगबली और बजरंग सेना के नाम पर लड़े जाने की उम्मीद है। बजरंग दल पर बैन का मुद्दा उठाकर बीजेपी को कर्नाटक में कुछ हासिल नहीं हो सका है। ऐसे में सबकी नजर इस पर है कि कमलनाथ को बजरंगबली और बजरंग सेना के नाम से जो उत्साह मिला है, उसकी काट के तौर पर बीजेपी किन मुद्दों को उठाती है।