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Amit Shah’s Address In Rajya Sabha : पाकिस्तान, आतंकवाद, कश्मीर…जानिए राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने और किन मुद्दों का किया जिक्र? नक्सलवाद पर कर दिया बड़ा ऐलान

Amit Shah’s Address In Rajya Sabha : अमित शाह ने कहा, हम देश में राजनीतिक विचारधारा द्वारा समर्थित आतंकवाद को पनपने नहीं देंगे। हमारी सरकार में उरी और पुलवामा पर हमले हुए लेकिन 10 दिनों के भीतर, हमने पाकिस्तान में घुसकर उन्हें एयरस्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए जवाब दिया। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति वहीं से शुरू हुई।

नई दिल्ली। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में अपने संबोधन में पाकिस्तान, आतंकवाद और कश्मीर समेत तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी। शाह बोले, देश में राजनीतिक विचारधारा द्वारा समर्थित आतंकवाद को पनपने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि मैं इस सदन में जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि इस देश में नक्सलवाद 31 मार्च 2026 तक समाप्त हो जाएगा। इसी के साथ उन्होंने राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ सीमाओं को मजबूत करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

गृह मंत्री बोले, सबसे पहले मैं कश्मीर की बात करूंगा। पड़ोसी देश से आतंकवादी कश्मीर में घुस आते थे, वे यहां बम विस्फोट और हत्याएं करते थे। ऐसा कोई त्योहार नहीं था जो बिना किसी चिंता के मनाया जाता हो। कांग्रेस नेतृतव केंद्र सरकार का रवैया लचीला था। वे चुप रहते थे और बोलने से डरते थे, उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता थी। पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद हमने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। हमारे सत्ता में आने के बाद उरी और पुलवामा पर हमले हुए लेकिन 10 दिनों के भीतर, हमने पाकिस्तान में घुसकर उन्हें एयरस्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए जवाब दिया। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति वहीं से शुरू हुई। अनुच्छेद 370 कश्मीर में अलगाववाद का आधार था, लेकिन 5 अगस्त 2019 को संसद में अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, हमने आतंकवाद, नक्सलवाद को पोषण देने वाले कई करोड़ रुपये जब्त किए, पीएमएलए मामले दर्ज किए और उनके वित्तपोषकों को जेल भेजा। राज्य और केंद्र सरकारों के बीच लगातार बैठकें हुईं। अपने स्तर पर, मैंने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ 11 बैठकें और डीजीपी के साथ 12 बैठकें कीं। हमने एक गतिशील रणनीति बनाई और रणनीतिक स्थानों पर सुरक्षा बलों को तैनात किया।

शाह ने कहा, हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मिलकर समाधान निकाला, नतीजे निकाले और अपने सुरक्षा बलों को रणनीतिक रूप से सुसज्जित करने के लिए डेटा विश्लेषण किया। इसके आधार पर उन्होंने अपने ऑपरेशन को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया। गृहमंत्री बोले, यह सब जानते हैं कि हमें लंबे संघर्ष के बाद स्वतंत्रता मिली है। कोई भी सरकार हालांकि बनी कांग्रेस की ही थी, 5-25 वर्षों के भीतर हर जगह विकास नहीं ला सकता है। हम प्रयास कर रहे हैं, हालांकि कुछ क्षेत्र पीछे रह गए होंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम व्यवस्था, संविधान की अवहेलना करें और सरकार लाचार बन कर देखती रहे और हजारों लोग बलिदान होते रहें।

अमित शाह ने कहा कि 2024 का लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें एक भी गोली नहीं चली और यहां तक ​​कि बूथ धांधली की कोई शिकायत भी नहीं आई। एक समय था जब दिल्ली से राजनीतिक नेता केवल जीत का प्रमाण पत्र लेकर लौटते थे, जबकि लोग डर के मारे घरों में रहते थे। आज, 98 प्रतिशत मतदाता बिना किसी बूथ धांधली की शिकायत या हिंसा के चुनाव में भाग लेते हैं।