Arambh 2020: सिविल सर्विसेज के ट्रेनी अफसरों को पीएम मोदी की सलाह- ‘दिखास’ और ‘छपास’ से दूर रहिएगा

Arambh 2020: पीएम मोदी(PM Modi) ने सिविल सर्विसेज(Civil Services) के ट्रेनी अफसरों से कहा कि, आप ही वो अफसर हैं, जो उस समय भी देश सेवा में होंगे, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा।

Avatar Written by: October 31, 2020 12:19 pm
PM Modi Aarambh

नई दिल्ली। गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आरोग्य वन एवं आरोग्य कुटीर का उद्घाटन किया। इससे पहले पीएम मोदी ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पीएम मोदी ने एकता दिवस समारोह में हिस्सा लिया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने मंसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (एलबीएसएनएए) के प्रशिक्षुओं को ‘‘आरंभ 2020” कार्यक्रम के तहत वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित किया। सिविल सर्विसेज के ट्रेनी अफसरों से उन्होंने कहा कि, एक साल पहले जो स्थितियां थी और आज जो स्थितियां हैं, उनमें बहुत बड़ा फर्क है। मुझे विश्वास है कि संकट के इस समय में देश ने और देश की व्यवस्थाओं ने जिस तरह काम किया, उससे आपने भी बहुत कुछ सीखा होगा। उन्होंने कहा कि, आज भारत की विकास यात्रा के जिस महत्वपूर्ण कालखंड में आप हैं, वो बहुत विशेष है। जब आपका बैच काम करना शुरू करेगा, तो वो समय होगा जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 75वे वर्ष में होगा।

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इस मौके पर पीएम मोदी ने सिविल सर्विसेज के ट्रेनी अफसरों से कहा कि, आप ही वो अफसर हैं, जो उस समय भी देश सेवा में होंगे, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा। आजादी के 75 से 100 वर्ष के बीच के ये 25 साल भारत के लिए बहुत अहम है। पीएम मोदी ने कहा कि, अफसरों को सरदार साहब की सलाह थी कि देश के नागरिकों की सेवा अब आपका सर्वोच्च कर्तव्य है। मेरा भी यही आग्रह है कि सिविल सर्वेंट जो भी निर्णय ले, वो राष्ट्रीय संदर्भ में हों, देश की एकता अखंडता को मजबूत करने वाले हों।

Civil Services Candidates pm modi

आपसे मेरा आग्रह है कि आज की रात सोने से पहले खुद को आधा घंटा दीजिए। अपने कर्तव्य, दायित्व, प्रण के बारे में जो आप सोच रहे हैं, उन्हें लिखकर रख लीजिएगा। ये कागज का टुकड़ा जीवन भर आपके संकल्पों को साकार करने के लिए आपके हृदय की धड़कन बनकर आपके साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि, एक प्रकार से सरदार पटेल ही देश की सिविल सेवा के जनक थे। 21 अप्रैल 1947 को प्रशासनिक अधिकारियों के पहले बैच को संबोधित करते हुए सरदार पटेल ने सिविल सेवा के अधिकारियों को देश का स्टील फ्रेम कहा था।

पीएम ने कहा कि, स्टील फ्रेम का काम सिर्फ आधार देना, सिर्फ चली आ रही व्यवस्थाओं को संभालना ही नहीं होता। स्टील फ्रेम का काम देश को ये ऐहसास दिलाना भी होता है कि बड़े से बड़ा संकट हो या फिर बड़े से बड़ा बदलाव, आप एक ताकत बनकर देश को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।

सरदार पटेल के सपने को दोहराते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, सरदार पटेल ने एक भारत – श्रेष्ठ भारत का सपना देखा था। उनका ये सपना आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा हुआ था। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच भी जो हमें सबसे बड़ा सबक मिला है वो आत्मनिर्भरता का ही है।

PM Modi Civil

पीएम मोदी ने कहा कि, पहले के समय ट्रेनिंग में आधुनिक अप्रोच कैसे आए, इस बारे में बहुत सोचा नहीं गया। लेकिन अब देश में Human Resource की आधुनिक ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है। बीते 2-3 वर्षों में ही सिविल सर्वेन्ट्स की ट्रेनिंग का स्वरूप बहुत बदल गया है। प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि, एक सिविल सेवा अधिकारी के लिए सबसे पहले जरूरी है कि आप देश के सामान्य मानवी से निरंतर जुड़े रहें। जब आप लोगों से जुड़े रहेंगे, तो लोकतंत्र में काम करना और आसान हो जाएगा। फील्ड में लोगों से कट-ऑफ कभी मत कीजिए।

उन्होंने कहा कि, सरकार शीर्ष से नहीं चलती है। नीतियां जिस जनता के लिए हैं, उनका समावेश बहुत जरूरी है। जनता केवल सरकार की नीतियों की, प्रोग्राम्स की receiver नहीं है, जनता जनार्दन ही असली ड्राइविंग फोर्स है। इसलिए हमें government से governance की तरफ बढ़ने की जरूरत है। जो भी काम करिए, जिस किसी के लिए भी करिए, अपना समझ कर करिए। जब आप अपने विभाग में सामान्य जनों को अपना परिवार समझ कर काम करेंगे, तो आपको कभी थकान नहीं होगी, आप हमेशा नई ऊर्जा से भरे रहेंगे। ‘दिखास’ और ‘छपास’ ये दो रोगों से दूर रहिएगा। दिखास और छपास यानी, टीवी पर दिखना और अखबार पर छपना। ये दोनों रोग जिसे लगे, वो अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर सकता।