Jammu : गुपकार गैंग के साथ कांग्रेस के हाथ मिलने पर भाजपा ने सुनाई खरी खोटी, कही ये बात

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में कांग्रेस (Congress) ने ऐलान किया है कि वो गुपकर गठबंधन (Gupkar Alliance) के साथ मिलकर डिस्ट्रिक्ट डेवल्पमेंट काउंसिल के चुनाव (District Development Council Election) लड़ेगी।

Avatar Written by: November 16, 2020 3:58 pm
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में कांग्रेस (Congress) ने ऐलान किया है कि वो गुपकर गठबंधन (Gupkar Alliance) के साथ मिलकर डिस्ट्रिक्ट डेवल्पमेंट काउंसिल के चुनाव (District Development Council Election) लड़ेगी। गुपकार गैंग के साथ कांग्रेस के हाथ मिलने पर भाजपा (BJP) ने कांग्रेस समेत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) पर हमला किया है।

Rahul Gandhi Sambit patra

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि, ”गुपकर गठबंधन के साथ मिलकर कांग्रेस पार्टी जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 की वापसी करना चाहती है। कांग्रेस पार्टी जिस गुपकर संगठन में शामिल हुई है उसमें फारूख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की पार्टी भी शामिल हैं और कुल 10 दल इस गठबंधन में है और सभी ने मिलकर जम्मू-कश्मीर में डिस्ट्रिक्ट डेवल्पमेंट काउंसिल के चुनाव लड़ने का फैसला किया है।”

संबित पात्रा ने गुपकार गैंग के साथ कांग्रेस के हाथ मिलने पर कांग्रेस समेत राहुल और सोनिया गांधी से सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि, ”क्या वो गठबंधन अपने सहयोगी दल नेशनल कानफ्रेंस तथा पीडीपी के नेताओं की तरफ से हाल में दिए बयानों का समर्थन करते हैं?”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि, ”कांग्रेस पार्टी के जम्मू कश्मीर के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गुपकर अलायंस के 10 दलों में कांग्रेस पार्टी भी शामिल हैं।”

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस से फारूख अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के देशविरोधी बयानों पर जवाब देने को कहा है। उन्होंने कश्मीर में गुपकार डिक्लेरेशन ऑफ पीपुल्स अलायंस है, ये डिस्ट्रिक्ट डेवलेपमेंट कॉउन्सिल के इलेक्शन के लिए साथ चल रहे हैं। 10 पार्टियां हैं, जिसमे प्रमुख रूप से नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी है औरअब कांग्रेस भी उसमें आ रही है।

आगे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इनका एक निश्चित एजेंडा है कि अनुच्छेद 370 को हटाया जाना चाहिए और उसे फिर से लागू किया जाना चाहिए। फारूक अब्दुल्ला जैसे कुछ लोग तो इस सीमा तक चले गए कि उन्होंने कहा है की अनुच्छेद 370 को दोबारा लागू करवाने के लिए चीन की भी सहायता लेनी पड़ें तो हम लेंगे।

जम्मू कश्मीर की दो क्रूर हकीकत हैं। भारत का बंटवारा हुआ पाकिस्तान से शरणार्थी आए। जो कश्मीर में रह गए उनको वोट देने का अधिकार, मकान-जमीन लेने के अधिकार नहीं हैं। पर जो वहां से निकलकर पंजाब से आगे निकल गए वो प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री भी हो गए। कश्मीर की ये क्रूर नीयती थी।