नई दिल्ली। संभल हिंसा मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को गिरफ्तारी से राहत जरूर मिल गई है मगर उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा सांसद के खिलाफ जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, हालांकि पुलिस से सांसद को गिरफ्तार न करने को कहा है। बर्क ने अपने खिलाफ दाखिल एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था मगर अदालत ने उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने बर्क को निर्देश दिया है कि वो पुलिस की जांच में अपना सहयोग दें।
संभल पुलिस इस मामले में बर्क को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुला सकती है, ऐसे में बर्क को पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा। अदालत ने कहा कि अगर बर्क जांच में सहयोग नहीं करते हैं सिर्फ उसी कंडीशन में पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। पुलिस ने संभल हिंसा मामले में बर्क को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि बर्क ने ही लोगों को उकसाया जिसके बाद भीड़ उग्र हो गई और हिंसा भड़क उठी। संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान 24 नवंबर को हिंसा भड़क गई थी।
इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। सीओ के पैर में गोली लगी थी जबकि एसडीएम का पैर फ्रैक्चर हो गया था। इसके अतिरिक्त कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए थे। संभल सांसद इस समय रडार पर हैं। हाल ही में डीएम ने बिजली चोरी अभियान चलाया जिसमें बर्क के घर में चोरी की बिजली का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद सांसद के खिलाफ बिजली चोरी का मामला भी दर्ज किया गया है। वहीं, उनके निर्माणाधीन मकान में अनाधिकृत निर्माण को लेकर भी उन्हें प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया है।