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US-Iran Tension: दुनिया एक और युद्ध के मुहाने पर!, डोनाल्ड ट्रंप ने बमबारी की धमकी दी तो ईरान ने भी तैनात की मिसाइलें

US-Iran Tension: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई को बीते दिनों चिट्ठी भेजी थी। अब ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान परमाणु समझौता नहीं करता, तो उसे बमबारी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर ऐसी बमबारी होगी, जैसी उसने पहले कभी नहीं देखी होगी। इसके बाद ही ईरान ने अपनी मिसाइलों को लॉन्च मोड में तैनात कर दिया है। इन मिसाइलों के जरिए ईरान खाड़ी इलाके में अमेरिका के ठिकानों पर हमला कर सकता है।

वॉशिंगटन/तेहरान। एक तरफ रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। इजरायल और हमास के बीच भी तनाव है। वहीं, दुनिया एक और युद्ध के मुहाने पर बैठी दिख रही है! अखबार तेहरान टाइम्स के अनुसार ईरान ने अपनी मिसाइलों को लॉन्च मोड में तैनात किया है। इन मिसाइलों का रुख खाड़ी में अमेरिका के ठिकानों की ओर हैं। ईरान ने मिसाइलें तैनात करने का फैसला तब लिया, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि उस पर बमबारी की जा सकती है। ट्रंप ने ये धमकी भी दी है कि ईरान पर टैरिफ लगाने का फैसला भी वो कर सकते हैं। ये सारा मसला परमाणु समझौते के कारण उठ खड़ा हुआ है।

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई को बीते दिनों चिट्ठी भेजी थी। अब ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान परमाणु समझौता नहीं करता, तो उसे बमबारी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर ऐसी बमबारी होगी, जैसी उसने पहले कभी नहीं देखी होगी। ईरान के राष्ट्रपति महमूद पेजेश्कियन ने ट्रंप की इस धमकी के बाद कहा था कि उनका देश किसी से सीधी बातचीत नहीं करेगा। बताया जा रहा है कि ट्रंप चाहते हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर दे। ईरान की सरकार ने इस पर कहा है कि वो किसी भी तरह के हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इससे पहले कहा था कि उनका देश अमेरिका से सीधी बातचीत नहीं करेगा। ईरान अप्रत्यक्ष बातचीत के लिए तैयार है।

डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ रहे हैं। ईरान ने पहले अमेरिका और यूरोप के देशों के साथ परमाणु मसले पर एक समझौता किया था। जब डोनाल्ड ट्रंप पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे, तब उन्होंने ईरान से हुए परमाणु समझौते को रद्द कर दिया था। अब वो ईरान पर दबाव डाल रहे हैं कि वो नया परमाणु समझौता करे वरना बमबारी का सामना करने के लिए तैयार रहे। इसी पर ईरान भी ताल ठोक रहा है। अगर ईरान और अमेरिका के बीच भी युद्ध शुरू होता है, तो इससे मध्य-पूर्व में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर असर पड़ सकता है।