राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नहीं मिला न्याय, मानना अब मजबूरीः मुनव्वर राणा

मुनव्वर राणा ने अयोध्या में मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कहा है कि इससे इंसाफ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि विवाद में फैसला तो आया, लेकिन न्याय नहीं मिला।

Avatar Written by: August 10, 2020 5:35 pm

नई दिल्ली। मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने कहा कि आज का हिंदुस्तान ‘भगवान राम’ का हिंदुस्तान नहीं है, क्‍योंकि न्यायालय आस्था के सवाल पर इंसाफ नहीं दे सकता, फैसला दे सकता है। उन्होंने कहा कि मुझसे हिंदू भी नाराज रहते हैं और मुसलमान भी नाराज रहते हैं, लेकिन हम जिम्मेदारी से बात करते हैं। मैं ऐसा कोई बात नहीं करना चाहता जिसपर मुझे शर्मिंदगी महसूस हो और माफी मांगना पड़े।

Munawwar Rana

मुनव्वर राणा ने अयोध्या में मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कहा है कि इससे इंसाफ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि विवाद में फैसला तो आया, लेकिन न्याय नहीं मिला। मुनव्वर राणा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना अब मजबूरी है और वह इसे मान रहे हैं। लेकिन इंसाफ नहीं हुआ।

Supreme Court 5 Judge Banch

मुनव्वर राणा ने कहा कि वह दुखी हैं, खफा हैं। उन्होंने राम मंदिर पर आए फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गोगोई और एसए बोबडे के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया। राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सबसे खराब जो बात हुई इसमें रंजन गोगोई साहब ने वहां से निकलकर फॉरेन दूसरे ही दिन राज्यसभा के मेंबर बन गए। यह बहुत घटिया बात थी। उनकी इस हरकत से मेजरमेंट कराया जाएगा तो सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की भूमि 6 इंच कम से कम नीचे गैरत के मारे थक गई होगी।

Munawwar Rana

मुनव्वर राणा ने इसके साथ ही यह भी कहा कि भूमि पूजन में प्रधानमंत्री को नहीं आना चाहिए था। साथ ही मुसलमानों को भी इसमें भागीदारी दी जानी चाहिए थी, उन्हें बुलाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वह शायर रहे हैं और शायरों की तरह ही अयोध्या को देखा है। बाबरी मस्जिद गिर जाने के बाद जिस इंसाफ की उम्मीद थी वह नहीं मिला।

Ram Mandir Supreme Court

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखकर मुनव्वर राणा ने मांग की है कि अयोध्या में दी गई जमीन पर राजा दशरथ के नाम से अस्पताल बनाया जाए, जबकि शिया और सुन्नी बोर्ड जैसी संस्थाओं को खत्म किया जाए। यह संस्थाएं मुसलमानों की रहनुमाई नहीं करतीं। ऐसे में देवबंद या दूसरे मुस्लिम मदारीस को साथ लेकर मस्जिद की बात की जाए।

Modi Ram janmsthal

मुनव्वर राणा पर योगी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रजा ने कहा है कि वह उस वक्त कहां थे जब सुप्रीम कोर्ट ने आपसी बातचीत से अयोध्या विवाद में हल लेकर आने को कहा था। मुनव्वर राणा तब कहां थे जब सरकार ने दोनों पक्षों को बातचीत से मसले का हल निकालने को कहा था। ये वही लोग हैं जो अंत तक यह कहते रहे कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला चाहे जो होगा, हम मानेंगे। अब जब राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत हो गई है तो फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री को चिट्ठियां लिख रहे हैं। मोहसिन रजा ने कहा कि ये वही लोग हैं जब 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ रहे थे तो अपने अवार्ड वापस लौटा रहे थे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासन के दौरान यह लोग राजनीतिक मुशायरे किया करते थे। राजनीतिक पार्टियों से पैसे लेकर उनके पक्ष में माहौल बनाते हैं। इन्हें बोलने का कोई हक नहीं है।