West bengal: पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल को दिया कई परियोजनाओं का तोहफा, मंच से नदारद रहीं सीएम ममता बनर्जी

West bengal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इसके बाद पश्चिम बंगाल के लिए लाई गई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए पहुंचे। लेकिन उनके इस मंच पर प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नजर नहीं आईं। जबकि ममता बनर्जी को भी इस मौके पर आने का न्यौता भेजा गया था।

Avatar Written by: February 7, 2021 6:58 pm
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नई दिल्ली/कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर आपदा में भ्रष्टाचार के अवसर खोजने का आरोप लगाया। उन्होंने बंगाल की बदहाली के पीछे राजनीति के अपराधीकरण को जिम्मेदार बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये वो सरकार है जो आपदा में भी भ्रष्टाचार के अवसर खोज लेती है। इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है? इतना बड़ा चक्रवात आया, इतना कुछ तबाह हो गया। लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने जो पैसे भेजे, उसका इन लोगों ने क्या किया, ये पश्चिम बंगाल के लोग भली-भांति जानते हैं। हालात ये थी कि कोर्ट तक को इस पर सख्त टिप्पणी करनी पड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके साथ ही कहा, पिछली बार मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जन्म जयंती पर बंगाल आया था। आज हल्दिया सहित पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़ी करीब 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए आपके बीच आया हूं। बंगाल पहले से जितना आगे था, अगर बीते दशकों में उसकी वो गति और बढ़ी होती, तो आज बंगाल कहां से कहां पहुंच गया होता। पश्चिम बंगाल की इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण है यहां की राजनीति।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके बाद पश्चिम बंगाल के लिए लाई गई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए पहुंचे। लेकिन उनके इस मंच पर प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नजर नहीं आईं। जबकि ममता बनर्जी को भी इस मौके पर आने का न्यौता भेजा गया था। लेकिन ममता जय श्री राम के नारे से इतनी चिढ़ी बैठी थीं कि उन्होंने इस कार्यक्रम में आने का न्यौता स्वीकार नहीं किया। इन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल सहित समूचे पूर्वी भारत के लिए बड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी और स्वच्छ ईंधन के मामले में आत्मनिर्भरता के लिए आज बहुत बड़ा दिन है। उन्होंने कहा कि गैस आधारित अर्थव्यवस्था आज भारत की जरूरत है। वन नेशन-वन गैस ग्रिड इसी जरूरत को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण अभियान है।

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इस मौक पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विशेष तौर पर इस पूरे क्षेत्र की गैस कनेक्टिविटी को सशक्त करने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स आज राष्ट्र को समर्पित किये गए हैं। आज जिन 4 प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, उनसे पश्चिम बंगाल सहित पूर्वी भारत के अनेक राज्यों में इज ऑफ लिविंग और इज ऑफ डूइंग बिजनेस दोनों बेहतर होंगे।

उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में ऑयल और गैस सेक्टर में कई बड़े सुधार भी किए गए हैं। हमारे इन प्रयासों का परिणाम है कि आज भारत पूरे एशिया में गैस की सबसे ज्यादा खपथ करने वाले देशों में शामिल हो गया है। आगे उन्होंने कहा 6 वर्ष पहले जब देश ने हमें अवसर दिया था, तो विकास यात्रा में पीछे रह गए पूर्वी भारत को विकसित करने का एक प्रण लेकर हम चले थे। पूर्वी भारत में जीवन और कारोबार के लिए जो आधुनिक सुविधाएं चाहिये, उनके निर्माण के लिए हमने एक के बाद एक कदम उठाए। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पारंपरिक कनेक्टिविटी का अभाव तो था ही, गैस कनेक्टिविटी एक बहुत बड़ी दिक्कत थी। गैस के अभाव में यहां नए उद्योग तो क्या पुराने उद्योग भी बंद हो रहे थे। इसी समस्या को दूर करने के लिए पूर्वी भारत को पूर्वी और पश्चिमी बंदरगाहों से जोड़ने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा पाइपलाइन इसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। आज इसी का एक बड़ा हिस्सा जनता की सेवा में समर्पित हो चुका है।

‘जय श्रीराम’ से ममता हुईं इतनी नाराज कि PM मोदी संग मंच साझा करने को नहीं हैं राजी!

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं, ऐसे में राज्य में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। इसके अलावा अगर भाजपा की बात करें तो बीजेपी लगातार बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ये तो साफ हो गया है कि भाजपा जय श्रीराम के नारे को नहीं छोड़ने वाली है। कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी जब सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर बंगाल पहुंचे थे तो वहां एक कार्यक्रम में लगाए गए ‘जय श्रीराम’ के नारे से ममता बनर्जी काफी खफा हो गई थीं। उन्होंने पीएम मोदी के सामने ही अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि, किसी सरकारी कार्यक्रम की एक मर्यादा होनी चाहिए। इस तरह किसी को बुलाकर बेइज्जत नहीं करना चाहिए। ममता की नाराजगी अब कुछ इस कदर बरकरार है कि वो पीएम मोदी के कार्यक्रमों से दूरी बनाने लगी हैं।

बता दें कि पीएम मोदी दिल्ली से आज फिर बंगाल पहुंच रहे हैं। इस दौरान हल्दिया में पीएम मोदी का कार्यक्रम सरकारी भी है। लेकिन ममता बनर्जी ने इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी। जबकि सरकारी प्रोटोकॉल के मुताबिक इसमें शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी न्योता भेजा गया है। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी दोपहर को सीधे असम से हल्दिया पहुंचेंगे।

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इस कार्यक्रम में ममता के ना शामिल होने को लेकर सूत्रों से जानकारी मिली है कि, ममता बनर्जी के कार्यालय ने पीएमओ को अपनी तरफ से बता दिया है कि वो इस सरकारी कार्यक्रम के दौरान मौजूद नहीं रहेंगी। आखिर ममता बनर्जी पीएम के साथ एक सरकारी मंच पर मौजूद क्यों नहीं रहना चाहती हैं। इसके पीछे माना जा रहा है कि बंगाल के विक्टोरिया हॉल में हुई घटना के चलते सीएम ममता बनर्जी ने यह फैसला लिया है। वहीं भाजपा सूत्रों का कहना है कि, ममता जय श्रीराम के नारों से बचना चाहती हैं।

West bengal: आपदा में भ्रष्टाचार के अवसर खोजने का पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर लगाए आरोप, बताया इसे अपराध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर आपदा में भ्रष्टाचार के अवसर खोजने का आरोप लगाया। उन्होंने बंगाल की बदहाली के पीछे राजनीति के अपराधीकरण को जिम्मेदार बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये वो सरकार है जो आपदा में भी भ्रष्टाचार के अवसर खोज लेती है। इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है? इतना बड़ा चक्रवात आया, इतना कुछ तबाह हो गया। लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने जो पैसे भेजे, उसका इन लोगों ने क्या किया, ये पश्चिम बंगाल के लोग भली-भांति जानते हैं। हालात ये थी कि कोर्ट तक को इस पर सख्त टिप्पणी करनी पड़ी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछली बार मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जन्म जयंती पर बंगाल आया था। आज हल्दिया सहित पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़ी करीब 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए आपके बीच आया हूं। बंगाल पहले से जितना आगे था, अगर बीते दशकों में उसकी वो गति और बढ़ी होती, तो आज बंगाल कहां से कहां पहुंच गया होता। पश्चिम बंगाल की इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण है यहां की राजनीति।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद जब पश्चिम बंगाल के विकास को नई दिशा देने की जरूरत थी, तब यहां विकास वाली राजनीति नहीं हो पाई। पहले कांग्रेस ने शासन किया, तो भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। फिर लेफ्ट का शासन लंबे समय तक रहा, उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार बढ़ाने के साथ ही विकास पर ही ब्रेक लगा दिया।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां, माटी मानुष की बात करने वालों में आज भारत माता के लिए आवाज बुलंद करने का साहस नहीं है। साहस इसलिए नहीं है, क्योंकि इतने सालों में इन लोगों ने पॉलिटिक्स को क्रिमिनलाइज किया है, करप्शन को इंस्टीट्यूशनलाइज किया है और प्रशासन और पुलिस का राजनीतिकरण किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अभी कुछ दिन पहले ही, मारीचझापी नरसंहार की दुखद बरसी थी। देश इस घटना को, गरीबों और दलितों के इस नरसंहार को कभी नहीं भूलेगा। लेकिन बंगाल तृणमूल से ये पूछना चाहता है- जिन पुलिस वालों ने नंदीग्राम में गोलियां चलाई थीं, जिन्होंने गरीबों का खून बहाया, आप उन्हीं को पार्टी में क्यों शामिल कर रहे हैं?

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