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ओवैसी के गढ़ में दिखा सीएम योगी का रौद्र रूप, कहा- हिंदुस्तान में रहेंगे, हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन जब…

CM Yogi: हैदराबाद(Hyderabad) का नाम बदलने को लेकर सीएम योगी ने कहा कि, लोग मुझसे पूछ रहे थे क्या हैदराबाद भाग्य नगर हो सकता है। मैंने कहा क्यों नहीं, हमने फैजाबाद को अयोध्या(Ayodhya) कर दिया। इलाहाबाद को प्रयागराज कर दिया। गंगा यमुना दो पवित्र नदियां मिलती हैं। कुंभ का आयोजन होता है, तो फिर यहां का वास्तविक नाम भाग्य नगर क्यों नहीं हो सकता।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को हैदराबाद में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सरकार और आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम के दो भाई हमेशा उलटा बोलते हैं और टीआरएस को एआईएमआईएम जैसे नमूने अराजकता फैलाने के लिए मिल गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि जब देश के सारे नेता सो रहे थे तो प्रधानमंत्री कोविड वैक्सिन के लिए अहमदाबाद हैदराबाद और पुणे की लैब का दौरा कर रहे थे। आपके बीच भी आए थे। टीआरएस के मुख्यमंत्री तो आज तक हैदराबाद की लैब में गए भी नहीं होंगे। यह बातें उन्होंने आज हैदराबाद के मलकजगिरि में और शालीबंदा लाल दरवाजा के अलका थिएटर ग्राउंड में आयोजित जनसभा के दौरान कहीं। उन्होंने टीआरएस और एआईएमआईएम पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगाए। सीएम योगी ने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि एआईएमआईएम का एक विधायक बना, लेकिन जब संविधान की शपथ लेने की बात आई, तो उन्होंने हिंदुस्तान बोलने से इनकार कर दिया। हिंदुस्तान के नाम पर शपथ नहीं ली।

CM Yogi Hyderabad Road show pic

सीएम योगी ने कहा कि, हिंदुस्तान में रहेंगे, हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन जब संविधान की शपथ हिंदुस्तान के नाम पर लेने की बात आएगी, तो हिंदुस्तान नाम बोलने में संकोच करेंगे, यह एआईएमआईएम की असलियत को बताने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में परिवारवाद के लिए जगह नहीं होनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से यहां पर टीआरएस सरकार ने एआईएमआईएम के साथ एक गठबंधन कर जनता की भावना के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं टीआरएस की सरकार से हाल ही में यहां बाढ़ आई थी। अगर प्रधानमंत्री देश के अंदर 12 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का छह हजार रुपए सालाना डीबीटी के माध्यम से आनलाइन उनके अकाउंट में डाल सकते हैं, तो फिर हैदराबाद में बाढ़ पीड़ितों की दी जाने वाली धनराशि गरीबों के खाते में क्यों नहीं पहुंच पाई है? ये भ्रष्टाचार फैलाने की चोट और लूट खसोट की छूट यहां पर आखिर क्यों दी गई?

उन्होंने कहा कि, ये चीजें एक बात को बताती हैं जिस हैदराबाद के सामने विकास की बहुत संभावनाएं थीं, आज उन सपनों को धूल धूसरित करने का कार्य कर रहा है यहां पर एक परिवार और उनकी मित्र मंडली। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ आपके पूर्वजों ने निजामशाही के खिलाफ एक लड़ाई लड़ी थी और निजाम के रूप में एक परिवार फिर से आकर इस पूरे तेलंगाना और हैदराबाद में लूट खसोट का एक नया जरिया बनाने का दुस्साहस करे, यह स्वीकार नहीं होना चाहिए।

CM Yogi Road Show

योगी ने कहा कि मैंने आज देखा कि यहां पर एक नदी के अतिक्रमण को न हटाने के कारण लोगों को बाढ़ की त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि एक नदी यहां पर भी है, लेकिन टीआरएस की सरकार उस नदी को और भी प्रदूषित कर दी है। उस नदी की अविरलता, निर्मलता इसलिए नहीं बन सकती, क्योंकि एआईएमआईएम से जुड़े हुए लोगों ने अवैध कब्जे कर यहां के लोगों को बाढ़ से पूरी तरह से डूबोने की साजिश का हिस्सा बनाकर कब्जा किया है। टीआरएस और एआईएमआईएम की मित्रता इस पवित्र नदी की अविरलता और निर्मलता में बाधक है। ये जो नापाक गठबंधन बना है यह यहां के विकास को अवरूद्ध कर रहा है।

हैदराबाद का नाम बदलने को लेकर सीएम योगी ने कहा कि, लोग मुझसे पूछ रहे थे क्या हैदराबाद भाग्य नगर हो सकता है। मैंने कहा क्यों नहीं, हमने कहा देखिए, उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आई, हमने फैजाबाद को अयोध्या कर दिया। इलाहाबाद को प्रयागराज कर दिया। गंगा यमुना दो पवित्र नदियां मिलती हैं। कुंभ का आयोजन होता है, तो फिर यहां का वास्तविक नाम भाग्य नगर क्यों नहीं हो सकता। भाग्य नगर का मतलब संप्रति का प्रतीक भाग्य नगर का मतलब विकास का प्रतीक।

CM Yogi Hyderabad

उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए तेलंगाना और हैदराबाद से भारी संख्या में कारसेवक गए थे। आपके पूर्वज लगातार आंदोलन करते रहे, लेकिन कुछ लोग थे, जो आपकी आस्था का अपमान करते थे। वह हर प्रयास कर रहे थे कि किसी भी स्थिति में अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के निर्माण का मार्ग न प्रशस्त हो, उनका एक ही प्रयास था। लेकिन हम सब आभारी हैं पीएम मोदी जी के। 492 वर्षों में जो कार्य नहीं हो पाया, प्रधानमंत्री ने शांतिपूर्ण तरीके से मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर राष्ट्र गौरव के लिए हम सबको अवसर दिया।