newsroompost
  • youtube
  • facebook
  • twitter

Bloody Daddy Review: ‘ब्लडी डैडी’ बनकर शाहिद ने जीता दिल, सिनेमा पर छिड़का अली ने एक्शन का रंग, पढ़ें पूरा रिव्यू

Bloody Daddy Review: ‘मेरे ब्रदर की दुलहन’ से अपना करियर शुरू करने वाले निर्देशक अली अब्बास इस बार शाहिद कपूर के साथ ओटीटी की जिस ब्लडी डैडी के साथ पेश हुए हैं, वो 2011 में आई फ्रेंच फिल्म स्लीपलेस नाइट की अडॉप्टेशन है।

नई दिल्ली। बॉलीवुड की कई ऐसी फ़िल्में हैं जो फ्रेंच फिल्मों से प्रेरित रही हैं। हिंदी सिनेमा जगत के निर्देशक पहले भी फ्रेंच फिल्मों के प्रति आकर्षित होकर इसपर आधारित हिंदी फ़िल्में बनाते रहे हैं। इस फेहरिस्त में अब निर्देशक अली अब्बास जफ़र का नाम भी शामिल हो गया है। ‘मेरे ब्रदर की दुलहन’ से अपना करियर शुरू करने वाले निर्देशक अली अब्बास इस बार शाहिद कपूर के साथ ओटीटी की जिस ब्लडी डैडी के साथ पेश हुए हैं, वो 2011 में आई फ्रेंच फिल्म स्लीपलेस नाइट की अडॉप्टेशन है। फिल्म को देखकर आपको भी मानना पड़ेगा कि अडॉप्टेशन होने के बावजूद भी फिल्म ब्लडी डैडी में अली ने शहीद कपूर के पागलपन को एक्शन और थ्रिल के हाई ऑक्टेन शैली में पर्दे पर उतारा है। तो आइए एक नजर डालते हैं इस फिल्म की कहानी पर…

फिल्म की शुरुआत बहुत ही थ्रिलर तरीके से होती है। जहां NCB का अंडरकवर ऑफिसर सुमेर यानि की शहीद कपूर अपने साथी जीशान सिद्दीकी करे साथ ड्रग्स की 50 करोड़ की खेप पकड़ने के लिए सीक्रेट मिशन पर निकलता है। सुमेर ड्रग्स हासिल कर लेता है मगर रंग में भंग तब पड़ जाता है जब ड्रग्स माफिया के गुंडे सुमेर को देख लेते हैं। रोनित रॉय ने ड्रग्स माफिया के सरगना सिकंदर का रोल प्ले किया है। सिकंदर सुमेर के बेटे अथर्व को किडनैप कर लेता है और शर्त रखता है कि बेटा तभी वापस मिलेगा जब ड्रग्स लौटाया जाएगा। सुमेर का अपनी बीवी से तलाक हो चुका है। सुमेर सिकंदर की शर्त मानकर ड्रग्स लेकर सिकंदर के होटल पहुंचता है।

वो ड्रग्स होटल के लेडीज टॉयलेट में छिपाकर सिकंदर के पास अपने बेटे की सिक्योरिटी सुनिश्चित करने जाता है। जब वापस आकर सुमेर लेडीज टॉयलेट में देखता है तो वहां उसे ड्रग्स नहीं मिलते हैं। यहां से शुरू होता है ड्रग्स हासिल करने का खूनी खेल। अब क्या सुमेर ड्रग्स का पता लगा पाएगा? क्या वो अपने बेटे को सिकंदर की कैद से छुड़ा पाएगा? ड्रग्स हासिल करने की राह में सुमेर को पता चलेंगे कितने ही राज। ये सारे ट्विस्ट एंड टर्न्स जानने के लिए आपको ब्लडी डैडी फिल्म देखनी पड़ेगी।

टाइगर, सुलतान जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके अली अब्बास जफ़र फिल्मों में रहस्मयी, थ्रिलर और खौफनाक साजिशें रचने में माहिर हैं। ओटीटी शहिद कपूर के लिए शुभ साबित हुआ। फर्जी के बाद अब ब्लडी डैडी में शाहिद एक्शन रोल में जचे हैं। फिल्म की कहानी दिलचस्प है। इंटरवल आपको ऐसे पॉइंट पर आकर छोड़ता है कि आप सेकंड हाफ देखने को बेताब हो जाएंगे। राजिव खंडेलवाल और शाहिद के बीच फाइटिंग सीन जबरदस्त हैं। रोनित रॉय ने सिकंदर के किरदार में अपनी छाप छोड़ी है। ओवरऑल फिल्म ब्लडी डैडी एक एक्शन पैक्ड फुल एंटेरटेनिंग फिल्म है। अगर आप शाहिद कपूर के फैन हैं तो फिल्म को जरूर देखें। ये फिल्म ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज की गई है। इसे आप जियो सिनेमा पर देख सकते हैं।