Make In India: UP ने इस तरह से लगाई छलांग, हरदोई के संडीला में बनेगी ब्रिटेन की वेबली स्कॉट रिवॉल्वर

Make In India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आत्मनिर्भर भारत (Aatm Nirbhar Bharat) के सपने को वास्तविकता में परिवर्तित करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) निरंतर प्रयास में जुटी हुई है।

Avatar Written by: September 23, 2020 5:30 pm
Webly & Scott Co Gun

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के आत्मनिर्भर भारत (Aatm Nirbhar Bharat) के सपने को वास्तविकता में परिवर्तित करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) निरंतर प्रयास में जुटी हुई है। अब इसी कड़ी में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए यूपी के हरदोई में ब्रिटेन की जानी-मानी हथियार बनाने वाली कंपनी वेबली एंड स्कॉट (Webly & Scott Co.) रिवॉल्वर (Revolver) का उत्पादन करने जा रही है। बता दें कि देश में हथियार निर्माण करने वाली यह पहली विदेशी कंपनी होगी। हरदोई के संडीला (Sandila) में कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इसके लिए इसने लखनऊ की स्याल मैन्युफैक्चरर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से करार किया है। वहीं इस रिवॉल्‍वर की कीमत तकरीबन 1.6 लाख रुपये होगी।

CM Yogi Adityanath

बता दें कि यह वही कंपनी है जिसने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान एलाइड फोर्स को हथियार दिए थे। यह कंपनी करीब 15 देशों में हथियार का उत्पादन कर रही है। माना जा रहा है कि नवंबर से यह कंपनी उत्पादन शुरू कर देगी। पहले फेज में कंपनी अपनी जानी मानी वेबली स्कॉट .32 रिवॉल्वर का निर्माण करेगी।

एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए वेबली एंड स्कॉट कंपनी के को-ऑनर जॉन ब्राइट ने कहा कि इसके बाद हम पिस्टल, एयरगन, शॉटगन और कारतूस भी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमने विशाल बाजार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत और उत्तर प्रदेश राज्य में निवेश करने का फैसला किया है। जॉन ब्राइट ने कहा कि हमने 2018 में स्याल परिवार के साथ मिलकर व्यवसाय का विस्तार करने का मन बनाया। हमें 2019 में भारत में हथियारों के निर्माण का लाइसेंस मिला। पहले चरण में 1899 के मार्क IV.32 पिस्तौल के मूल डिजाइन का उपयोग भारतीय बाजार की मांग को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

Webly & Scott Co Gun

वेबली एंड स्कॉट कंपनी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के संडीला में फैक्ट्री को बनाने के लिए इंग्लैंड से 15 विशेषज्ञों की एक टीम आएगी। इस फैक्ट्री का निर्माण चार महीने में पूरा करने की योजना है।