प्रदर्शनकारियों-वार्ताकारों के बीच हुई दो घंटे तक चर्चा, नहीं निकला कोई हल, कल फिर होगी बातचीत

पिछले 67 दिनों से चल रहे इस धरने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि देश में प्रोटेस्ट का अधिकार सबको है लेकिन सड़क बंद करने का अधिकार किसी को नहीं है।

Written by: February 19, 2020 7:11 pm

नई दिल्ली। मध्यस्थता के जरिए प्रदर्शनकारियों से शाहीन बाग में सड़क खाली करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वार्ताकारों की नियुक्ति की है। वार्ताकारों में वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह के नाम शामिल हैं। इनमें से संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन ने शाहीन बाग जाकर प्रदर्शनकारियों से बात तो की लेकिन कोई नजीता नहीं निकल पाया।

Shaheen Bagh Sadhna Ramchandran Sanjay Hegde photo

कल फिर होगी वार्ता

बता दें कि इस मामले में संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन कल फिर शाहीन बाद जाकर लोगों से बात करेंगे। बातचीत के लिए रविवार तक का समय है। साधना रामचंद्रन और संजय हेगड़े ने कहा कि वे कल फिर आएंगे। बता दें कि आज की बातचीत मीडिया की गैरमौजूदगी में हुई।

साधना रामचंद्रन ने कहा

लोगों से बात करने से पहले वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने कहा कि, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अच्छी बातचीत रहेगी। हम सब नागरिक हैं एक दूसरे की बात सुनना जरूरी है और सुप्रीम कोर्ट भी यही चाहता है।’

वार्ताकार लौट गए

वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों से सुलह के फॉर्मूले पर बातचीत की। इसके बाद वार्ताकार लौट गए। शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से मुलाकात के बाद वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने कहा कि हमने आज शाहीन बाग में माताओं, बहनों और नागरिकों से पहली मुलाकात की। बहुत अच्छा लगा, आज बात तो पूरी हो नहीं पाई, आज शुरूआत ही हुई है। वो चाहते हैं कि हम कल दोबारा आए, हम कल दोबारा आएंगे।

Shaheen Bagh Sadhna Ramchandran Sanjay Hegde

‘एक इंच भी पीछ नहीं हटेंगे’

इस बीच जब वार्ताकारों ने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि रास्ता कैसे खुलेगा, तो शाहीन बाग की दादी ने कहा कि जब तक नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) वापस नहीं लिया जाता है, तब तक हम एक इंच भी पीछ नहीं हटेंगे, फिर चाहे कोई हम पर फायरिंग ही क्यों न करे।

Supreme-Court....

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है

पिछले 67 दिनों से चल रहे इस धरने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि देश में प्रोटेस्ट का अधिकार सबको है लेकिन सड़क बंद करने का अधिकार किसी को नहीं है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की पहल शाहीनबाग के प्रदर्शनकारी मध्यस्थता के बाद प्रदर्शन खत्म कर सकते हैं।