ज्योतिष

ज्योतिष शास्त्र के नियमों सूत्रों और सिद्धांतों के अनुसार, मंगल को योद्धा और लड़ाकू बताया गया है। सेना के जवानों में इसका प्रत्यक्ष वास दिखाई देता है।

वैदिक संस्कृति के अनुसार सोलह संस्कारों को जीवन के सबसे महत्त्वपूर्ण संस्कार माने जाते हैं। विवाह संस्कार उन्हीं में से एक है जिसके बिना मानव जीवन पूर्ण नहीं हो सकता। हिंदू धर्म में विवाह संस्कार को सोलह संस्कारों में से एक संस्कार माना गया है।

हिंदू धर्म में रामनवमी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते है। धर्मशास्त्रों के अनुसार राम नवमी के ही दिन त्रेता युग में महाराज दशरथ के घर विष्णु जी के अवतार भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म रावण के अंत के लिए हुआ था।

आज चैत्र नवरात्र का सातवां दिन है. इसे महासप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। आज के दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप यानि मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।

इस वर्ष 2019 में चैत्र शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि को नवरात्रि अष्टमी तिथि मनाई जाती है। वहीं चैत्र शुक्लपक्ष की नवमी तिथि को नवमी तिथि को रामनवमी मनाई जाती है। इस दिन कन्याओं का पूजन कर नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत का पारण किया जाता है। इस बार नवमी तिथि 13 अप्रैल की सुबह 8.19 बजे से 14 अप्रैल की सुबह 6.04 बजे तक है। इसलिए 13 अप्रैल दिन शनिवार को महानवमी का व्रत होगा।

13 अप्रैल शनिवार को चैत्र नवरात्रि की महाष्टमी है। महाष्टमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। हालांकि,कुछ लोग नवमी पर भी कन्या पूजन करते हैं। मान्यता है कि कन्या पूजन करने से वासंतिक नवरात्रि का शुभ फल मिलता है।

कुछ लोग अपना भाग्य जानने के लिए हाथों की रेखाएं भी देखते हैं, लेकिन हाथों में फैली कई रेखाओं के बीच उन्हें पता नहीं चल पाता कि आखिर उन्हें धन लाभ होगा या नहीं। किसी भी धनी जातक की हथेली में धन रेखा, जीवन रेखा की तरह हर व्यक्ति की हथेली में एक स्थाहन से शुरू नहीं होती है। व

नवदुर्गा के छठे स्वरूप में मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी का जन्म कात्यायन ऋषि के घर हुआ था अतः इनको कात्यायनी कहा जाता है।

नवदुर्गा का पांचवां स्वरूप स्कंदमाता का है। कार्तिकेय (स्कन्द) की माता होने के कारण इनको स्कंदमाता कहा जाता है।