Connect with us

देश

दिल्ली हिंसा: हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार, भाजपा के तीन नेताओं के व्यवहार पर भी अदालत सख्त

संशोधित नागरिकता कानून(सीएए) को लेकर उत्तरपूर्वी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भड़की हिंसा में शामिल लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने वाली एक याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है।

Published

kapil Mishra anurag thakur parvesh verma

नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून(सीएए) को लेकर उत्तरपूर्वी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भड़की हिंसा में शामिल लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने वाली एक याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है।kapil Mishra anurag thakur parvesh verma

दिल्ली में हुई हिंसा के मामले से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाया और कपिल मिश्रा का भड़काऊ भाषण देने वाला वीडियो देखा। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पूछा कि कपिल मिश्रा के साथ दिख रहा अफसर कौन है। कपिल मिश्रा के अलावा हाई कोर्ट ने अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा का भी वीडियो देखा।

हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील तुषार मेहता से सभी वीडियो देखने के लिए कहा। हालांकि, हाई कोर्ट ने एफआईआर के सीधे आदेश नहीं दिए है, लेकिन कहा है कि तुषार मेहता पुलिस कमिश्नर को सलाह दें कि इस वीडियो को देखने के बाद पुलिस को क्या किया जाना चाहिए।delhi highcourt

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस को हिंसा के मामलों में अदालत के निर्देश की जरूरत नहीं होती है और उसे स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। अदालत ने कहा कि यह बेहद जरूरी है।delhi-high-court

दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीएसई से कहा कि उसे हिंसा प्रभावित नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में बोर्ड एग्जाम को लेकर स्थाई इंतजाम करने होंगे। हाई कोर्ट ने सीबीएसई से कहा कि एक-एक दिन एग्जाम टालने से छात्रों की दिक्कतें खत्म नहीं हो रही है, बल्कि उनकी टेंशन और बढ़ रही है, इसलिए बोर्ड जल्द से जल्द उनकी परीक्षाओं को लेकर कोई स्थाई समाधान खोजें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement