शाहीनबाग में प्रदर्शन शांतिपूर्ण, पुलिस ने बंद किए रास्ते: वजाहत हबीबुल्ला का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए वार्ताकारों में से एक वजाहत हबीबुल्ला ने शाहीन बाग में सड़क अवरोध पर एक हलफनामा दायर किया है। उन्होंने हलफनामे में कहा कि पुलिस ने शाहीन बाग के आसपास पांच रास्तों को बंद कर रखा है।

Written by: February 23, 2020 3:08 pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए वार्ताकारों में से एक वजाहत हबीबुल्ला ने शाहीन बाग में सड़क अवरोध पर एक हलफनामा दायर किया है। उन्होंने हलफनामे में कहा कि पुलिस ने शाहीन बाग के आसपास पांच रास्तों को बंद कर रखा है। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ कल इसपर सुनवाई करेगी। हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस ने बेवजह रास्ता बंद किया, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हुई।Shaheen bagh Protest वजाहत हबीबुल्लाह ने अपने हलफनामे में कहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा है। वजाहत ने कहा है कि रास्ते बंद हैं लेकिन स्कूल वैन और एंबुलेंस को जाने की इजाजत दी जा रही है। हांलाकि, पुलिस की चेकिंग के बाद ही इसकी अनुमति है। वजाहत हबीबु्ल्ला पूर्व आईएएस अधिकारी हैं और प्रमुख सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं। हबीबुल्ला राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।Shaheen bagh Protest

शाहीन बाग प्रदर्शन में शनिवार को चौथे दिन बातचीत के लिए पहुंची सुप्रीम कोर्ट की वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने एक बार फिर रास्ता खाली करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराने का लिखित आश्वासन मांगा। उन्होंने अन्य कई मांगें भी रखीं। इनमें प्रमुख जामिया नगर हिंसा में दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी है।Supreme-Court

साधना ने करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शनकारियों से बातचीत का प्रयास किया, लेकिन अंत में यह पूरी तरह विफल दिखी। चौथे दिन वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े वार्ता में नहीं पहुंचे। वार्ताकार रविवार को अंतिम दिन भी प्रयास करेंगे। इसके बाद कोर्ट के सामने पूरी रिपोर्ट पेश की जानी है।Shaheen bagh Protest

सीएए के खिलाफ दो महीने से ज्यादा समय से चल रहे प्रदर्शन के कारण बंद रास्ते को खुलवाने के लिए पहुंची साधना रामचंद्रन ने केवल महिलाओं से बातचीत की और मीडिया को भी वहां से हटने को कहा। वे प्रदर्शनकारियों को स्थान बदलने के लिए मनाती रहीं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एक तरफ की सड़क खोलने के लिए भी कुछ शर्तें रख दीं।