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Political Tussle: मुलायम के कुनबे में एक बार फिर जंग के आसार, भतीजे अखिलेश को बीजेपी के जरिए झटका देने की कोशिश में शिवपाल

Political Tussle: इससे शिवपाल की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी यानी प्रसपा के कुछ नेता खफा होकर उनका साथ छोड़ गए। शिवपाल की अखिलेश से नाराजगी की वजह ये भी बताई जा रही है कि उन्होंने प्रसपा अध्यक्ष के बेटे आदित्य यादव की सियासत में एंट्री तक में रोड़ा अटका दिया।

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Shivpal and Akhilesh

नई दिल्ली। यूपी की सियासत में नंबर-1 परिवार का दर्जा रखने वाले मुलायम सिंह यादव के कुनबे में एक बार फिर चाचा-भतीजे की घमासान करीब-करीब तय हो गई है। हाल ही में हुए यूपी विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह के बीच गठजोड़ हुआ था, लेकिन अखिलेश की ओर से लगातार किनारे रखे जाने से नाराज शिवपाल अब दूसरी राह पकड़ते दिख रहे हैं। सूत्रों की मानें, तो ताजा खबर ये है कि शिवपाल सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने का वक्त मांगा है। शनिवार को शिवपाल सिंह उस वक्त अखिलेश से नाराजगी खुलेआम जता चुके हैं, जब चुने गए सपा विधायकों की बैठक में उन्हें नहीं बुलाया गया था।अखिलेश से शिवपाल की नाराजगी महज इस एक वाकये से नहीं हुई है। शिवपाल को जब अखिलेश ने समाजवादी पार्टी के गठबंधन में लिया, तो उनकी कई मांगें तक नहीं मानीं। सूत्रों ने तब बताया था कि शिवपाल अपने लोगों के लिए 100 टिकट मांग रहे थे, लेकिन अखिलेश ने सिर्फ जसवंतनगर सीट से ही अपने चाचा को टिकट दिया।

Akhilesh and Shivpal

इससे शिवपाल की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी यानी प्रसपा के कुछ नेता खफा होकर उनका साथ छोड़ गए। शिवपाल की अखिलेश से नाराजगी की वजह ये भी बताई जा रही है कि उन्होंने प्रसपा अध्यक्ष के बेटे आदित्य यादव की सियासत में एंट्री तक में रोड़ा अटका दिया। अब जबकि ये खबर आ रही है कि शिवपाल ने अमित शाह से मिलने का वक्त मांगा है, तो आगे चलकर ये मुलाकात अखिलेश यादव पर भारी पड़ सकती है।

akhilesh yadav shivpal yadav
बता दें कि शिवपाल यादव और अखिलेश के बीच 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले जंग छिड़ी थी। हालत ये हो गई कि कार्यकर्ताओं के सामने ही अखिलेश ने शिवपाल के खिलाफ काफी कुछ कहा था। परिवार पर आया संकट देखकर मुलायम सिंह यादव भी मैदान में कूदे थे, लेकिन वो चाचा और भतीजे की लड़ाई और मनमुटाव दूर नहीं करा सके। नतीजे में शिवपाल को सपा छोड़कर जाना पड़ा था और उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी।

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