Chief Justice

शपथ लेने के तुरंत बाद चीफ जस्टिस बोबडे ने किया कुछ ऐसा कि वहां मौजूद लोग हुए मंत्रमुग्ध

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने सोमवार को देश के 47वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने न्यायमूर्ति बोबड़े को शपथ ग्रहण कराई। जस्टिस रंजन गोगोई रविवार को सेवानिवृत्त हुए जिसके बाद न्यायमूर्ति बोबडे ने प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली।

अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसला आ गया है और सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए रामलला के हक में विवादित जमीन को दिया है। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ की जमीन अयोध्या में किसी और जगह पर दी जाएगा।

अयोध्या मामले में शनिवार को फैसला सुनाने वाली पीठ के सभी सदस्य आज रात राष्ट्रीय राजधानी स्थित होटल ताज मानसिंह में डिनर (रात्रिभोज) करेंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जितनी भी सुनवाई राम मंदिर को लेकर हुई उस पूरी सुनवाई के दौरान अदालत में एक शख्स हमेशा मौजूद रहे वह हैं 'विश्व हिंदू परिषद' के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय।

औवेसी ने कहा कि कांग्रेस ने अपना असली रंग दिखाया है। यदि 1949 में कांग्रेस ने दरवाजे नहीं खोले होते तो वहां मूर्तियां नहीं रखी जातीं और राजीव गांधी ने ताला नहीं खुलवाया होता तो मस्जिद आज वहीं होती।

अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवादित जमीन पर रामलला का दावा मान्य है। इस जमीन पर मंदिर निर्माण की रूपरेखा तैयार करने के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने में ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया गया है। केंद्र सरकार ही ट्रस्ट के सदस्यों का नाम निर्धारित करेगी।

यानी कोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में गया है और अब केंद्र सरकार को आगे की रूपरेखा तय करनी है। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि रामलला न्यायिक संपत्ति है ना कि राम जन्मभूमि।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने यह फैसला सर्वसम्मति से दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अयोध्या में बुनियादी ढांचा इस्लामी नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा को जमीन देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला गलत था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि पर फैसला सुनाया था।