अमृत प्राचीन प्यास है। कोई मरना नहीं चाहता लेकिन सभी जीव मरते हैं। मृत्यु को शाश्वत सत्य कहा गया है। जीव मृत्यु बंधु है। मृत और अमृत परस्पर विरोधी जान पड़ते हैं पर हैं दोनों साथ-साथ।

स्वयं को जानना कठिन है। असंभव तो नहीं है लेकिन है बड़ा जटिल। जानने की गतिविधि में कम से कम...

वायु दिखाई नहीं पड़ते। ऋग्वेद के ऋषि को उनका ‘घोष’ सुनाई पड़ता है। लेकिन ऋषि उनका रूप नहीं देख पाते।...

नई दिल्ली। तीर्थ भारत की आस्था है। लेकिन भौतिकवादी विवेचकों के लिए आश्चर्य हैं। वैसे इनमें आधुनिक विज्ञान के तत्व...

अस्तित्व एक इकाई है। भारतीय दर्शन में इस अनुभूति को अद्वैत कहते हैं। अस्तित्व में दो नहीं हैं। यह एक...

नई दिल्ली। विज्ञान और दर्शन सार्वभौम होते हैं। उनकी मान्यताएं भौगोलिक क्षेत्र के बन्धन में नहीं होतीं। भारत में तर्क,...

विश्व एक इकाई है। एक मात्र। भौतिक विज्ञान के निष्कर्ष यही हैं। भारतीय अद्वैत दर्शन के भी यही हैं। सृष्टि...

नई दिल्ली। विश्व एक इकाई है। एक मात्र। भौतिक विज्ञान के निष्कर्ष यही हैं। भारतीय अद्वैत दर्शन के भी यही...

बोलने से मन नहीं भरता। लगातार बोलना हमारा व्यावहारिक संवैधानिक दायित्व है। विधानसभा का सदस्य हूं और अध्यक्ष भी। जनप्रतिनिधि...

नई दिल्ली। गर्भ सभी प्राणियों का उद्गम है। मां गर्भ धारण करती है। पिता का तेज गर्भ में माँ की...